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जब स्टॉक बाजार गिरता है, निवेशक अक्सर सुरक्षित परिसंपत्ति जैसे सोना-चाँदी की ओर रुख करते हैं, जिससे इनकी कीमतों में तेजी आती है।
भारतीय सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना महंगा होकर लगभग ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चाँदी की कीमत भी बढ़कर ₹2.67 लाख प्रति किलो तक पहुंची।
भय के माहौल में निवेशक अक्सर अपनी पोजीशन्स को कम करते हैं या लिक्विडिटी में बदलाव करते हैं, जिससे बाजार में और गिरावट होती है।
निवेशक आज जोखिम से बचने की प्रवृत्ति दिखा रहे हैं। गिरावट के कारण शेयरों की बिकवाली बढ़ी और निवेशकों ने सुरक्षित परिसंपत्तियों की तरफ रुख किया।
कुछ टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, विशेषकर AI-आधारित कंपनियों के कारण, जो बाजार में निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं।
मिडिल ईस्ट संकट के बीच रक्षा सेक्टर के शेयरों में तेजी देखने को मिली, क्योंकि वैश्विक तनाव से रक्षा कंपनियों की मांग बढ़ती है।
ऊर्जा और कच्चे तेल की कीमतें अक्सर भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डालते हैं। जब तेल महंगा होता है, तो इंफ्लेशन बढ़ता है, जिससे बाजार की धारणा नकारा...
पश्चिम एशियाई तनाव से कच्चे तेल की सप्लाई में बाधा की आशंका पैदा हुई। इससे ऊर्जा कीमतें बढ़ीं और बाजार में जोखिम बढ़ा, जिससे शेयरों पर दबाव बढ़ा।
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निफ्टी ऑटो इंडेक्स में लगभग 2.20% की गिरावट देखी गई, जो सबसे ज्यादा कमजोरी वाला सेक्टर था। इससे पता चलता है कि ऑटो कंपनियों में निवेशकों का रुझान नकार...
