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15/07/2025 11:57 am
स्मॉल-कैप और मिड-कैप स्टॉक भारतीय शेयर बाजार में उच्च विकास की संभावना प्रदान करते हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी अधिक होता है। स्मॉल-कैप कंपनियां छोटी होती हैं और बाजार पूंजीकरण में कम होती हैं, जबकि मिड-कैप कंपनियां मध्यम आकार की होती हैं। ये स्टॉक लार्ज-कैप स्टॉक की तुलना में अधिक अस्थिर होते हैं, लेकिन लंबी अवधि में उच्च रिटर्न दे सकते हैं। भारतीय बाजार में स्मॉल-कैप और मिड-कैप स्टॉक, जैसे कि डीमार्ट और टाटा पावर, निवेशकों के बीच लोकप्रिय हैं। इनमें निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, प्रबंधन, और उद्योग के रुझानों का गहन विश्लेषण करना जरूरी है।
