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15/07/2025 11:51 am
भारतीय निवेशकों के बीच म्यूचुअल फंड और डायरेक्ट स्टॉक निवेश में से चुनना एक आम दुविधा है। म्यूचुअल फंड में, पेशेवर फंड मैनेजर आपके पैसे को विभिन्न स्टॉक्स और बॉन्ड्स में निवेश करते हैं, जिससे जोखिम कम होता है। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जिनके पास समय या विशेषज्ञता नहीं है। दूसरी ओर, डायरेक्ट स्टॉक निवेश में निवेशक स्वयं कंपनियों के शेयर चुनते हैं, जिसके लिए गहन शोध और बाजार ज्ञान की आवश्यकता होती है। म्यूचुअल फंड में फीस और एक्सपेंस रेशियो जैसे खर्चे शामिल होते हैं, जबकि डायरेक्ट निवेश में ब्रोकरेज शुल्क मुख्य लागत होती है। म्यूचुअल फंड दीर्घकालिक और स्थिर रिटर्न के लिए बेहतर हो सकते हैं, जबकि डायरेक्ट निवेश उच्च रिटर्न की संभावना देता है, लेकिन जोखिम भी अधिक होता है।
